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रणक्षेत्र बना बैंकशाल कोर्ट, बारिश में पुलिस के छूटे पसीने
कोलकाता। धर्मतला हिंसा मामले में गिरफ्तार आईएसएफ अध्यक्ष और भांगड़ के विधायक नौशाद सिद्दीकी को आखिरकार जमानत मिल गई। गुरुवार को बैंकशाल कोर्ट ने उन्हें और 84 अन्य कार्यकर्ताओं को 500 रुपये के बॉन्ड पर जमानत दी। अगली सुनवाई 10 नवंबर को होगी। नौशाद को लाल कार में कोर्ट लाया गया, जबकि बाकी कार्यकर्ताओं को जेल वैन से लाया गया। इस दौरान कोर्ट परिसर के बाहर आईएसएफ समर्थकों की भीड़ जुट गई और नारेबाजी हुई। नौशाद के जमानत को लेकर सुबह से ही आईएसएफ समर्थको ने थाने से लेकर कोर्ट के बाहर तक पुलिस और सरकार के विरूद्ध नारे बाजी की। बैंकशॉल कोर्ट के बाहर सैकड़ों की संख्या में आईएसएफ समर्थक इक_ा हो गये और कोर्ट परिसर को घेर लिया। स्थिति उत्तेजनाजनक होते देख पुलिसफोर्स को कोर्ट के बाहर तैनात किया गया और कोर्ट परिसर की बैरिकेंटिंग कर दी गयी। स्थिति ऐसी थी कि आम लोगों को कोर्ट में प्रवेश करने पर काफी समस्या का सामना करना पड़ा।
बुधवार को नौशाद की रिहाई की मांग को लेकर हावड़ा अमता रोड पर आईएसएफ कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम किया था। सड़क पर पेड़ का तना डालकर रास्ता रोका गया। पिछले हफ्ते वक्फ संशोधन कानून और एसआईआर सहित कई मांगों को लेकर आईएसएफ ने धर्मतला में प्रदर्शन किया था। वहां पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर संघर्ष हुआ। करीब 50 मिनट तक टकराव चला और कई सरकारी संपत्तियां क्षतिग्रस्त हुईं। इसी मामले में पुलिस ने नौशाद और 95 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी नौशाद विवाद का ताप कम होता नहीं दिख रहा। राजनीतिक हलकों का मानना है कि यह गिरफ्तारी और अब रिहाई आईएसएफ के आंदोलन को और धार देगी।